संघर्ष की मुस्कान

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Description

संघर्ष की मुस्कान की लेखिका वह आवाज़ हैं, जो जीवन के हर मोड़ पर संघर्ष की कहानी लिखते हुए भी मुस्कुराना जानती हैं। एक ऐसी स्त्री—जो अपने विचारों में स्वतंत्र है, अपने मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं को सर्वोपरि रखती है, और जीवन के हर अनुभव को शब्दों में ढालकर उसे नई संवेदना देती है। पत्रकारिता और लेखन की दुनिया से गहराई से जुड़ी, वह पेशे से वरिष्ठ रेडियो उद्घोषक (आकाशवाणी, ऑल इंडिया रेडियो), एक समर्पित शिक्षक, और नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी, जमशेदपुर में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष हैं। पत्रकारिता और अंग्रेज़ी में उच्च शिक्षा, MBA, और वर्तमान में पत्रकारिता में PhD कर रहीं, लेखिका का व्यक्तित्व ही उनके लेखन की तरह बहुआयामी है— भावनाओं से भरा, सोच से प्रखर, और अनुभवों से समृद्ध। गया (बिहार) की पवित्र धरती पर जन्मी और जमशेदपुर में रह रही इस लेखिका का लेखन इंसान, माँ, स्त्री—तीनों के संघर्षों को बेहद संवेदनशीलता, साहस और सत्यता के साथ प्रस्तुत करता है। राजनीति, प्रेम, त्याग, रिश्तों की जटिलताएँ, स्त्री-शक्ति, और जीवन की अदृश्य पीड़ाएँ तथा दृढ़ताएँ— इन सबमें वह अपनी कलम की नर्मियत भी जोड़ती हैं और अपनी दृढ़ता की आग भी। उनकी शैली बहुमुखी है— कहीं भावुक, कहीं आक्रोश से भरी, कहीं शांत, और कहीं शब्दों में तृप्ति का झरना बहता है। उनकी यही versatility संघर्ष की मुस्कान को एक ऐसी किताब बनाती है, जिसे सिर्फ पढ़ा नहीं जाता— महसूस किया जाता है। लेखिका का विश्वास है कि शब्द इंसान की जिंदगी बदल सकते हैं— और वही विश्वास इस पुस्तक की हर पंक्ति में धड़कता है।

Additional information

Weight 0.100 kg
Dimensions 14.8 × 21 × 14.8 cm

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